Wednesday, 31 December 2014

Happy new year to all 2015

जिन्दगी का एक ओर वर्ष कम हो चला,
कुछ पुरानी यादें पीछे छोड़ चला..

कुछ ख्वाईशैं दिल मे रह जाती हैं..
कुछ बिन मांगे मिल जाती हैं ..

कुछ छोड़ कर चले गये..
कुछ नये जुड़ेंगे इस सफर मे ..

कुछ मुझसे बहुत खफा हैं..
कुछ मुझसे बहुत खुश हैं..

कुछ मुझे मिल के भूल गये..
कुछ मुझे आज भी याद करते हैं..

कुछ शायद अनजान हैं..
कुछ बहुत परेशान हैं..

कुछ को मेरा इंतजार हैं ..
कुछ का मुझे इंतजार है..

कुछ सही है
कुछ गलत भी है.
कोई गलती तो माफ कीजिये और
कुछ अच्छा लगे तो याद कीजिये।

Happy Last Day of Year 2014.


Friday, 19 December 2014


बहुत समय पहले की बात है , किसी गाँव में एक
किसान रहता था . वह रोज़ भोर में उठकर दूर
झरनों से स्वच्छ पानी लेने जाया करता था .
इस काम के लिए वह अपने साथ दो बड़े घड़े ले
जाता था , जिन्हें वो डंडे में बाँध कर अपने कंधे
पर दोनों ओर लटका लेता था .
उनमे से एक घड़ा कहीं से फूटा हुआ था ,और
दूसरा एक दम सही था . इस वजह से रोज़ घर
पहुँचते -पहुचते किसान के पास डेढ़
घड़ा पानी ही बच
पाता था .ऐसा दो सालों से चल रहा था .
सही घड़े को इस बात का घमंड
था कि वो पूरा का पूरा पानी घर
पहुंचता है और उसके अन्दर कोई कमी नहीं है ,
वहीँ दूसरी तरफ फूटा घड़ा इस बात से
शर्मिंदा रहता था कि वो आधा पानी ही घर
तक पंहुचा पाता है और किसान की मेहनत
बेकार चली जाती है . फूटा घड़ा ये सब सोच
कर बहुत परेशान रहने लगा और एक दिन उससे
रहा नहीं गया , उसने किसान से कहा , “ मैं खुद
पर शर्मिंदा हूँ और आपसे
क्षमा मांगना चाहता हूँ ?”
“क्यों ? “ , किसान ने पूछा , “ तुम किस बात से
शर्मिंदा हो ?”
“शायद आप नहीं जानते पर मैं एक जगह से फूटा हुआ
हूँ , और पिछले दो सालों से मुझे
जितना पानी घर पहुँचाना चाहिए था बस
उसका आधा ही पहुंचा पाया हूँ , मेरे अन्दर ये
बहुत बड़ी कमी है , और इस वजह से आपकी मेहनत
बर्वाद होती रही है .”, फूटे घड़े ने दुखी होते
हुए कहा.
किसान को घड़े की बात सुनकर थोडा दुःख
हुआ और वह बोला , “ कोई बात नहीं , मैं
चाहता हूँ कि आज लौटते वक़्त तुम रास्ते में पड़ने
वाले सुन्दर फूलों को देखो .”
घड़े ने वैसा ही किया , वह रास्ते भर सुन्दर
फूलों को देखता आया , ऐसा करने से
उसकी उदासी कुछ दूर हुई पर घर पहुँचते – पहुँचते
फिर उसके अन्दर से आधा पानी गिर चुका था,
वो मायूस हो गया और किसान से
क्षमा मांगने लगा .
किसान बोला ,” शायद तुमने ध्यान
नहीं दिया पूरे रास्ते में जितने भी फूल थे
वो बस तुम्हारी तरफ ही थे , सही घड़े की तरफ
एक भी फूल नहीं था . ऐसा इसलिए क्योंकि मैं
हमेशा से तुम्हारे अन्दर
की कमी को जानता था , और मैंने
उसका लाभ उठाया . मैंने तुम्हारे तरफ वाले
रास्ते पर रंग -बिरंगे फूलों के बीज बो दिए थे ,
तुम रोज़ थोडा-थोडा कर के उन्हें सींचते रहे और
पूरे रास्ते को इतना खूबसूरत बना दिया . आज
तुम्हारी वजह से ही मैं इन फूलों को भगवान
को अर्पित कर पाता हूँ और अपना घर सुन्दर
बना पाता हूँ . तुम्ही सोचो अगर तुम जैसे
हो वैसे नहीं होते तो भला क्या मैं ये सब कुछ
कर पाता ?”
दोस्तों हम सभी के अन्दर कोई ना कोई
कमी होती है , पर यही कमियां हमें
अनोखा बनाती हैं . उस किसान की तरह हमें
भी हर किसी को वो जैसा है वैसे
ही स्वीकारना चाहिए और उसकी अच्छाई
की तरफ ध्यान देना चाहिए, और जब हम
ऐसा करेंगे तब “फूटा घड़ा” भी “अच्छे घड़े” से
मूल्यवान हो जायेगा....!!


Tuesday, 16 December 2014


एक बार एक पजामा पहने हुए
हिन्दुस्तानी से एक अंग्रेज ने
पूछा कि:-
'आप का ये देशी पैंट
( पजामा ) कितने दिन चल
जाता है ???
हिन्दुस्तानी ने जवाब दिया:-
'कुछ ख़ास नही ... मै इसे एक साल
पहनता हूँ ...
उसके बाद
श्रीमति जी इसको काट कर
बंटी के साइज़
का बना देती है ...
फिर बंटी इसे एक साल
पहनता है ...
उसके बाद
श्रीमति जी इसको काट छांट
कर
तकियों के कवर बना लेती है ...
फिर एक साल बाद उन
कवर का
झाड पौंछ में इस्तेमाल करते हैं ...
अंग्रेज बोला:-
'अब फैंक देते होगे !!!
हिन्दुस्तानी ने फिर कहा:-
'नही नही इसके बाद 6 महीने
तक ...
मै इस से अपने जूते साफ़ करता हूँ ...
और
अगले 6 महीने तक बाइक
का साइलेंसर चमकाता हूँ ...
तब जाकर फैकते है !!!
इतना सुनते ही ... अंग्रेज बेहोश...


Saturday, 13 December 2014


क बार सेठ के घर इनकम टैक्स की रेड पड गई.......
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इनकम टैक्स अधिकारी -: बाकी तो सेठ
जी सब ठीक है पर आपने
कुत्तों को जलेबी खिलाने का खर्चा पांच
लाख रूपये जो लिखा है उससे
हम संतुष्ट नही है क्या आप इसके कोई दस्तावेज पेश
कर सकते है......
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सेठ जी -: नही, इसके दस्तावेज मेरे पास
नही है......
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इनकम टैक्स अधिकारी -: चलो फिर हम बात
यही रफा दफा कर लेते है
इसके बदले आप हमें दस हजार रूपये देदे.
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सेठ जी मान गए ठीक है मैं आपको दस हजार रूपये
दे देता हूं
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सेठ जी ने मुनीम को आवाज लगाई
मुनीम जी इन लोगों को दस हजार रूपये दे
दो और खाते में लिख
देना कुत्तों ने दस हजार रूपये की जलेबियां और
खाई......!!


Killerrr Shayari
1.तेरी अदाओं पे मैं वारी - वारी..,
Dial 139 for Railway enquiry...।
2.ना जीने की आरजू ,ना मरने का खौफ..,
The number you are trying is currently switch
off..।
3.अपने गमो को बस दिल में दबा लो...,
नया गोदरेज powder Hair dye,
बस काटो, घोलो और लगा लो...।
4.यूं खामोश रहकर तडपेगी कब तक..,
Cameraman Pratik के साथ दीपक
चौरसिया AAJ TAK..।
5.महंगाई के इस दौर में करना पढता है अपने खर्चे
पर काबू..,
महंगाई के इस दौर में करना पढता है अपने खर्चे
पर काबू...
एक चुटकी सिंदूर की कीमत तुम
क्या जानो रमेश बाबू...।
6.मैं हूँ यहाँ तु है वहां..,
मैं हूँ यहाँ तु है वहां...
LIFEBUOY हैं जहां, तंदुरुस्ती है वहां ...।
7.Blood donate करने से पहले हमेशा उसका Group
जांचना..,
Blood donate करने से पहले हमेशा उसका Group
जांचना...
बसंती इन कुत्तों के सामने मत नाचना..।
8.यशोमती मैया से बोले नंदलाला...
यशोमती मैया से बोले नंदलाला...
TATA SKY लगा डाला ,तो Life
झींगालाला..।
9.रोमियो ने जूलियट से कहा एक सच..,
रोमियो ने जूलियट से कहा एक सच...
असली मसाले सच-सच,
MDH... MDH... ।
10.नाच मेरी बुलबुल तुझे पैसा मिलेगा..,
नाच मेरी बुलबुल तुझे पैसा मिलेगा..
हम C.I.D.से है,
कोई अपनी जगह से नहीं हिलेगा...!!
Socho Mat Bas Like Karo


Tuesday, 9 December 2014


एक गुंडा शेविंग और
हेयर कटिंग कराने के लिये
सैलून में गया.
नाई से बोला -”अगर मेरी
शेविंग ठीक से से बिना कटे
छंटे की तो मुहमाँगा दाम दूँगा !
अगर कहीं भी कट गया तो
गर्दन उड़ा दूंगा !”
नाई ने डर के मारे मना कर दिया.
गुंडा शहर के दूसरे नाइयों के पास गया और
वही बात कही.
लेकिन सभी नाईयो ने डर के
मारे मना कर दिया.
अंत में वो गुंडा एक गाँव के
नाई के पास पहुँचा.
वह काफी कम उम्र का लड़का था.
उसने कहा – “ठीक है,
बैठो मैं बनाता हूँ”.
उस लड़के ने काफी बढ़िया
तरीके से गुंडे की शेविंग
और हेयर कटिंग कर दी.
गुंडे ने खुश होकर लड़के
को दस हजार रूपये दिए.
और पूछा – “तुझे अपनी
जान जाने का डर नहीं था क्या ?”
लड़के ने कहा – “डर ? डर
कैसा...?
पहल तो मेरे हाथ में थी…”.
गुंडे ने कहा – “‘पहल तुम्हारे
हाथ में थी’ .. मैं मतलब नहीँ
समझा ?”
लड़के ने हँसते हुये कहा –:
“भाईसाहब,
उस्तरा तो मेरे
हाथ में था…
अगर आपको खरोंच भी
लगती तो आपकी गर्दन
तुरंत काट देता !!!”
बेचारा गुंडा ! यह जवाब
सुनकर पसीने से लथपथ हो
गया।
Moral : जिन्दगी के हर मोड
पर खतरो से खेलना पडता है
नही खेलोगे तो कुछ नही कर
पाओगे
यानि
डर के आगे ही जीत है.....!!


वकील: "माई लार्ड, कानून की किताब के पेज
नंबर 15 के मुताबिक मेरे मुवक्किल को बा-इज्जत
बरी किया जाये।
जज: "किताब पेश की जाये।"
किताब पेश की गयी, जज ने पेज नंबर 15
खोला तो उसमें 1000 के 10
नोट थे।
जज मुस्कुराते हुए बोला:
"बहुत खूब, इस तरह के 2
सबूत और पेश किये जाये।"

Monday, 8 December 2014

Rim Jhim Pari
आप ही देखिए इनका ट्रांसलेशन
1. वो मेरी नवासी है|
(She is my eighty nine)
2. मैं एक आम आदमी हूँ|
(I am a Mango man)
3. मुझे अंग्रेजी आती है|
(English comes to me)
4.मेरा ताल्लुक हरिद्वार से है|
(I belong to Green Gate)
5. मेरा मज़ाक मत उड़ाओ|
(Dont fly my joke)
6. बदलता है आसमां रंग कैसे कैसे|
(Change the colour sky how how)


बाप:- पंडित जी मेरा बेटा बड़ा होकर
क्या बनेगा?
पंडित:- मैं तुम्हारे लाडले के कमरे में दारु
की बोतल, प्ले बॉय मैगजीन, दस रुपये का एक
नोट,
और साथ में रामायण रख देता हूँ.
अगर वो रामायण लेता है, तब तो पंडित
बनेगा,
अगर वो दस रुपये लेता है
तो व्यापारी बनेगा,
अगर वो दारू की बोतल लेता है तब तो खराब
इंसान बनेगा.
और अगर वो मैगजिन लेता है तो लफँगा
बनेगा.
जब रूम में बाप
का लाडला पहुचाँ तो रामायण
बाएं हाथ में ली,,,
दस का नोट जेब में डाल दिया,,,
दारू की बोतल खोल कर पैग लगाते हुए मैगज़ीन
पढ़ना शुरू कर दिया.......
यह देख कर पंडित जी जोर-जोर से चिल्लाने लगे
साला ये तो आसाराम बनेगा


Wednesday, 3 December 2014


एक बार मोदी, राहुल और केजरीवाल शिप में बैठ के
जा रहे थे, अचानक एक जिन्न आया और बोला तुम
लोग एक एक चीज समुद्र में फेंको अगर मैंने ढूढ़
लिया तो तुमको मार दूँगा, नहीं तो तुम्हारा गुलाम
बन जाऊँगा ।
राहुल बाबा ने सुई फेंकी जिन्न ने 2 मिनट में ढूॅढ़
लिया और पप्पू को खलास कर दिया।
केजरीवाल ने अपना एक बाल तोडकर फेंका जिन्न ने
उसे भी ढूढ़ लिया और केजरीवाल भी ख़तम।
मोदी ने भी कुछ फेंका जिन्न ने 30 मिनट ढूॅढा,
बहुत ढूढा पर कुछ न मिला।
जिन्न ने कहा मेरे बाप मैं आपका गुलाम,
फेका क्या था।
मोदी बोले - बेटे मैं तेरा बाप हूँ
"डिस्प्रिन " की गोली फेंकी थी ,
तेरे जैसे 10 भी मिलकर नहीं ढूढ़ पायेंगे ।
अब चल दिल्ली बहुत काम करना है देश का ।।



पप्पू के 4 बच्चे थे. एक दिन अखबार में खबर आई
कि जिस व्यक्ति के 5 या अधिक बच्चे हैं, सरकार
उन्हें 20000 रुपया महीना देगी.
यह खबर पप्पू ने अपनी पत्नी को दिखाई और
बोला – “अगर तुम नाराज़ न हो तो तुमसे एक बात
कहूँ … ?”
पत्नी – “नहीं होऊंगी … कहो !”
पप्पू – “मेरी गर्ल-फ्रेंड के पास भी मेरा एक बच्चा है
… तुम कहो तो उसे भी अपने घर ले आऊँ … हमें ये
20000
रुपये महीने मिलने लगेंगे !”
पत्नी – “ठीक है … ले आओ !”
पप्पू खुशी-खुशी बच्चे को लेने चला गया.
जब वह बच्चे को लेकर वापस
लौटा तो देखा कि उसके 2 बच्चे गायब हैं.
उसने पत्नी से पूछा –“दो बच्चे कहां गए ?”
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पत्नी – “जिसके थे वो ले गया … अब अखबार कोई
ऐसी चीज़ तो है नहीं कि अकेले तुम्हारे ही घर में
आती हो !