Wednesday, 9 September 2015

कमल प्यारे
मैंने .. हर रोज .. जमाने को .. रंग बदलते देखा है
....
उम्र के साथ .. जिंदगी को .. ढंग बदलते देखा है
.. !!
वो .. जो चलते थे .. तो शेर के चलने का ..
होता था गुमान..
उनको भी .. पाँव उठाने के लिए .. सहारे को
तरसते देखा है !!
जिनकी .. नजरों की .. चमक देख .. सहम जाते थे
लोग ..
उन्ही .. नजरों को .. बरसात .. की तरह ~~
रोते देखा है .. !!
जिनके .. हाथों के .. जरा से .. इशारे से .. टूट
जाते थे ..पत्थर ..
उन्ही .. हाथों को .. पत्तों की तरह .. थर
थर काँपते देखा है .. !!
जिनकी आवाज़ से कभी .. बिजली के कड़कने
का .. होता था भरम ..
उनके .. होठों पर भी .. जबरन .. चुप्पी का
ताला .. लगा देखा है .. !!
ये जवानी .. ये ताकत .. ये दौलत ~~ सब कुदरत
की .. इनायत है ..
इनके .. रहते हुए भी .. इंसान को ~~ बेजान हुआ
देखा है ... !!
अपने .. आज पर .. इतना ना .. इतराना ~~ मेरे ..
यारों ..
वक्त की धारा में .. अच्छे अच्छों को ~~ मजबूर
हुआ देखा है .. !!!
कर सको......तो किसी को खुश करो......दुःख
देते ........तो हजारों को देखा है...!! — 


Monday, 24 August 2015

लेती नहीं दवाई मम्मी ,
जोड़े पाई-पाई मम्मी ।
दुःख थे पर्वत, राई मम्मी,
हारी नहीं लड़ाई मम्मी ।
इस दुनियां में सब मैले हैं,
किस दुनियां से आई मम्मी ।
दुनिया के सब रिश्ते ठंडे,
गरमागर्म रजाई मम्मी ।
जब भी कोई रिश्ता उधड़े,
करती है तुरपाई मम्मी ।
बाबूजी तनख़ा लाये बस,
लेकिन बरक़त लाई मम्मी ।
बाबूजी थे सख्त मगर ,
माखन और मलाई मम्मी ।
बाबूजी के पाँव दबा कर
सब तीरथ हो आई मम्मी ।
नाम सभी हैं गुड़ से मीठे,
मां जी, मैया, माई, मम्मी ।
सभी साड़ियाँ छीज गई थीं,
मगर नहीं कह पाई मम्मी ।
मम्मी से थोड़ी - थोड़ी,
सबने रोज़ चुराई मम्मी ।
घर में चूल्हे मत बाँटो रे,
देती रही दुहाई मम्मी ।
बाबूजी बीमार पड़े जब,
साथ-साथ मुरझाई मम्मी ।
रोती है लेकिन छुप-छुप कर,
बड़े सब्र की जाई मम्मी ।
लड़ते-लड़ते, सहते-सहते,
रह गई एक तिहाई मम्मी ।
बेटी की ससुराल रहे खुश,
सब ज़ेवर दे आई मम्मी ।
मम्मी से घर, घर लगता है,
घर में घुली, समाई मम्मी ।
बेटे की कुर्सी है ऊँची,
पर उसकी ऊँचाई मम्मी ।
दर्द बड़ा हो या छोटा हो,
याद हमेशा आई मम्मी ।
घर के शगुन सभी मम्मी से,
है घर की शहनाई मम्मी ।
सभी पराये हो जाते हैं,
होती नहीं पराई मम्मी


एक औरत को शादी के कई साल बाद ख्याल
आया
कि अगर वो अपने पति को छोड़ के चली जाए
तो
वो कैसा महसूस करेगा।
ये विचार आते ही उसने एक कागज लिया और
उसपे
लिखा ," अब मै तुम्हारे साथ और नहीं रह
सकती,मै उब
गयी हु तुम्हारे साथ से,मै घर छोड़ के जा रही
हु
हमेशा के लिए।"
उस पत्र को उसने टेबल पे रखा और जब पति के आने
का
टाइम हुआ तो उसकी प्रतिकिरया देखने के
लिए बेड
के निचे छुप गयी।
पति आया और उसने टेबल पे रखा पत्र पढ़ा। कुछ
देर
की चुप्पी के बाद उसने पत्र के निचे कुछ
लिखा।
फिर वो खुशी की सिटी बजाने लगा,गीत
गाने
लगा,डांस करने लगा और कपडे बदलने लगा,इसी
दौरान उसने अपने फोन से किसी को फोन
लगाया
और कहा " आज मै एकदम मुक्त हो गया,शायद
मेरी
मुर्ख पत्नी को समझ आ गया की वो मेरे लायक
ही
नहीं थी,आज वो घर से हमेशा के लिए चली
गयी,अब
मै आजाद हु तुमसे मिलने के लिए,मै आ रहा हु कपडे
बदल कर तुम्हारे पास,तुम तैयार हो के मेरे घर के
सामने
वाले पार्क में आ जाओ अभी"
कपडे बदल कर पति बाहर निकल गया, आंसू भरी
आँखों से पत्नी बेड के निचे से निकली और कांपते
हाथो से पत्र के निचे लिखी लाइन पढ़ी
जिसमे
लिखा था....
बेड के नीचे से पैर
दिख रहे है पागल पार्क के पास
वाले
हलवाई से समोसे ले के आ रहा हु तब तक चाय
बना ल


Monday, 3 August 2015

मोदी सरकार को अब दारु दुगुने दाम पर
बेचनी चाहिए !
और आधा पैसा पीने वाले की पत्नी के
अकाउंट में सब्सिडी की तरह वापस कर देना
चाहिए जिससे ये फायदे होंगे !
1. पति लिमिट में पियेगा, क्योंकि उसके नशे
की मात्रा उसकी पत्नी के bank balance के
बराबर रहेगी ।
2. पत्निया अपने पतियों को पीने के लिए
कभी मना नही करेंगी ।
3. पत्नी को मालूम रहेगा, आज पति ने
कितनी पी ।
4. जिस की पत्नी का अकाउंट नहीं है वो
भी खुल जाएगा ।
( हो सकता है किसी किसी की पत्नी को
आयकर - रिटर्न भी दाखिल करना पड़े ।
जन धन दारूबाजी जमा योजना।
आखिर पियेगा इण्डिया तभी तो जियेगा
इंडिया


Saturday, 25 July 2015


आगे सफर था और पीछे हमसफर था....
रूकते तो सफर छूट जाता और चलते तो हम सफर छूट
जाता...
मंजिल की भी हसरत थी और उनसे भी मोहब्बत
थी..
ए दिल तू ही बता...उस वक्त मैं कहाँ जाता...
मुद्दत का सफर भी था और बरसो का हम सफर
भी था
रूकते तो बिछड जाते और चलते तो बिखर
जाते....
यूँ समँझ लो....
प्यास लगी थी गजब की...मगर पानी मे जहर
था...
पीते तो मर जाते और ना पीते तो भी मर
जाते. —


Wednesday, 8 July 2015


एक बार एक अजनबी किसी के घर गया।
वह अंदर
गया और मेहमान कक्ष मे बैठ गया।
वह खाली हाथ
आया था तो उसने सोचा कि कुछ उपहार
देना अच्छा रहेगा।
तो
उसने वहा टंगी एक पेन्टिंग उतारी और जब घर
का मालिक
आया,
उसने पेन्टिंग देते हुए कहा, यह मै आपके लिए
लाया हुँ।
घर का मालिक, जिसे पता था कि यह मेरी
चीज
मुझे ही भेंट दे रहा है, सन्न रह गया !!!!!
अब आप ही बताएं कि क्या वह भेंट पा कर, जो
कि पहले
से ही उसका है, उस आदमी को खुश होना
चाहिए ??
मेरे ख्याल से नहीं....
लेकिन यही चीज हम भगवान के साथ भी करते
है।
हम
उन्हे रूपया, पैसा चढाते है और हर चीज जो
उनकी ही बनाई
है, उन्हें भेंट करते हैं!
लेकिन
मन मे भाव रखते है की ये चीज मै भगवान को दे
रहा हूँ!
और सोचते हैं कि ईश्वर खुश हो जाएगें।
मूर्ख है हम!
हम यह नहीं समझते कि उनको इन सब चीजो
कि जरुरत
नही।
अगर आप सच मे उन्हे कुछ देना चाहते हैं
तो अपनी श्रद्धा दीजिए,
उन्हे अपने हर एक श्वास मे याद
कीजिये और
विश्वास मानिए प्रभु जरुर खुश होगा !!
अजब हैरान हूँ भगवन
तुझे कैसे रिझाऊं मैं;
कोई वस्तु नहीं ऐसी
जिसे तुझ पर चढाऊं मैं ।
भगवान ने जवाब दिया :" संसार की हर वस्तु
तुझे मैनें दी है।
तेरे पास अपनी चीज सिर्फ तेरा अहंकार है,
जो मैनें नहीं दिया ।
उसी को तूं मेरे अर्पण कर दे। तेरा जीवन सफल
हो जाएगा
.


लडका अपनी गर्लफ्रेन्ड से..
,
,
"मेरे पास मेरे दोस्त जैसी कार नही पर तुम्हे
पल्को पे बीठा के घुमाउंगा,
उसके जैसा बडा घर नही पर तुम्हे दीलमें
रखुंगा,
उसके जीतने पैसे नही पर मजदुरी करके
खीलाउंगा
और क्या चाहिए तुम्हे ???"
,
,
लडकी :
बस कर पगले, रुलायेगा क्या ???
चल अपने दोस्त का नंबर दे....!!!"


फिल्मी सितारों के असली नाम
___________________________
1.अशोक कुमार – कुमुदलाल गांगुली
2.किशोर कुमार – आभाष कुमार गांगुली
3.गुरुदत्त- वसंत कुमार शिवशंकर पादुकोने
4.राजेश खन्ना – जतिन खन्ना
5.राजकपूर – रणवीर राज कपूर
6.अमिताभ बच्चन – इंकलाब श्रीवास्तव
7.रजनीकांत – शिवाजरॉव गायकवाड़
8.मिथुन चक्रवर्ती – गौरांग चक्रवर्ती
9.प्रीति जिन्टा – प्रीतम सिंह जिन्टा
10.महिमा चौधरी – रितु चौधरी
11.अजय देवगन – विशाल देवगन
12.सनी लियोनी – करनजीत कौर वोहरा
13.अक्षय कुमार – राजीव हरिओम भाटिया
14.रेखा – भानु रेखा गणेशन
15.सनी देओल – अजय सिंह देओल
16.जॉन अब्राहम – फरहान अब्राहम
17.बॉबी देओल – विजय सिंह देओल
18.ऋतिक रोशन – ऋतिक नागरथ
19.रणवीर सिंह – रणवीर भावनानी
20.जैकी श्रॉफ – जयकिशन काकू भाई
21.दिलीप कुमार – युशुफ खान
22.जितेन्द्र – रवि कपूर
23.मनोज कुमार – हरिकृष्ण गोस्वामी
24.ए आर रहमान – ए एस दिलीप कुमार
25.राजकुमार – कुलभूषण पंडित
26.संजीव कुमार – हरिभाई जरीवाल
27.सलमान खान – अब्दुल रशीद सलीम
28.सैफ अली खान – साजिद अली खान
29.मल्लिका सहरावत – रीमा लाम्बा
30.शिल्पा शेट्टी – अश्विनी शेट्टी
31.अजीत – हामिद अली खान
32.चिरंजीव – कोइन्डेला शिवशंकर वारा
प्रसाद
33.डैनी डेंग्जोपा- शेरिंग फित्सो डेंग्जोपा
34.देव आनंद – देवदत्त पिशोरीमल आनंद
35.जया प्रदा- ललिता रानी
36.जगदीप – सैयद जवाहर अली जाफरी
37.जॉनी वाकर – बदरुद्दीन जमालुद्दीन
काजी
38.मधुबाला – मुमताज जहाँ बेगम देहलवी
39.माला सिन्हा – अलदा सिन्हा
40.मीनाकुमारी – महजबीन अली बक्स
41.जॉनी लीवर – जनार्दन रॉव
42.कमल हासन – अलवारपेट्टई अन्दावर
43.कुमार गौरव – मनोज तुली
44.नाना पाटेकर – विश्वनाथ पाटेकर
45.नरगिस – फातिमा रशीद
46.नादिरा- फ्लोरेंस एजेकेई
47.रीना रॉय – सायरा खान
48.संजय खान- अब्बास खान
49.शम्मी कपूर – शमशेर राज कपूर
50.शशिकपूर – बलबीर राजकपूर
51.सुनील दत्त- बलराज दत्त
52.टुनटुन – उमादेवी खत्री
53.अजय राजू केएनजे - अजय कुमार कन्नोजिया


Monday, 8 June 2015

एक लड़का और लड़की एक दूसरे को बहुत प्यार
करते थे..
एक दिन लड़का मर जाता है।
उसने स्वर्ग में से लड़की को कहा-
एक वादा था तेरा हर वादे के पीछे..
तु मिलेगी हर गली हर दरवाजे के पीछे..
पर तू क्यों इतनी बेवफा निकली?
कि एक तू ही नहीं थी मेरे जनाजे के पीछे..
लड़की ने आँखों में आँसू के साथ जवाब दिया -एक
वादा था मेरे हर वादे के पिछे..
मिलूँगी तूझे हर गली हर दरवाजे के पीछे..
तूने ही नही मुड़ कर देखा..
एक और जनाजा था तेरे जनाजे के पीछे.


Sunday, 7 June 2015

प्यार वो हैं.. जब माँ रात को आती है और
कहती हैं.. "सो जा, बाकी सुबह उठ कर पढ़
लेना" प्यार वो हैं ... जब हम tution से वापस
आये और पापा कहे- "बेटा लेट होने वाले थे तो
कॉल कर देते" प्यार वो है.... जब भाभी
कहती हैं - "ओये हीरो; लड़की पटी की नही"
प्यार वो हैं.... जब बहन कहती हैं- "देखूंगी मेरी
शादी के बाद तेरा काम कौन करेगा
"प्यार वो हैं.... जब हम निराश हो और भाई
आकर कहे- "चल नौटंकी कही घुमने चलते हैं" प्यार
वो है... जब दोस्त कॉल करके कहे- ओये कमीने
जिन्दा हैं या मर गया" यह है सच्चा प्यार।
इसे अपने जीवन मैं बिलकुल भी ना गवाएं..
प्यार केवल गर्ल फ्रेंड या बॉय फ्रेंड होना ही
नही हैं।


Friday, 29 May 2015

हिंदू परम्पराओं से जुड़े वैज्ञानिक तर्क:
1- कान छिदवाने की परम्परा:
भारत में लगभग सभी धर्मों में कान छिदवाने
की परम्परा है।
वैज्ञानिक तर्क-
दर्शनशास्त्री मानते हैं कि इससे सोचने की
शक्ति बढ़ती है।जबकि डॉक्टरों का
मानना है कि इससे बोली अच्छी होती है
और कानों से होकर दिमाग तक जाने वाली
नस का रक्त संचार नियंत्रित रहता है।
2- माथे पर कुमकुम/तिलक
महिलाएं एवं पुरुष माथे पर कुमकुम या तिलक
लगाते हैं।
वैज्ञानिक तर्क- आंखों के बीच में माथे तक एक
नस जाती है। कुमकुम या तिलक लगाने से उस
जगह की ऊर्जा बनी रहती है। माथे पर
तिलक लगाते वक्त जब अंगूठे या उंगली से प्रेशर
पड़ता है, तब चेहरे की त्वचा को रक्त सप्लाई
करने वाली मांसपेशी सक्रिय हो जाती है।
इससे चेहरे की कोशिकाओं तक अच्छी तरह रक्त
पहुंचता
3-जमीन पर बैठकर भोजन:
भारतीय संस्कृति के अनुसार जमीन पर बैठकर
भोजन करना अच्छी बात होती है।
वैज्ञानिक तर्क- पालथी मारकर बैठना एक
प्रकार का योग आसन है। इस पोजीशन में बैठने
से मस्तिष्क शांत रहता है और भोजन करते वक्त
अगर दिमाग शांत हो तो पाचन क्रिया
अच्छी रहती है। इस पोजीशन में बैठते ही खुद-
ब-खुद दिमाग से एक सिगनल पेट तक जाता है,
कि वह भोजन के लिए तैयार हो जाये।
4- हाथ जोड़कर नमस्ते करना:
जब किसी से मिलते हैं तो हाथ जोड़कर नमस्ते
अथवा
नमस्कार करते हैं।
वैज्ञानिक तर्क- जब सभी उंगलियों के शीर्ष
एक दूसरे के संपर्क में आते हैं और उन पर दबाव पड़ता
है। एक्यूप्रेशर के कारण उसका सीधा असर
हमारी आंखों, कानों और
दिमाग पर होता है, ताकि सामने वाले
व्यक्ति को हम लंबे समय तक याद रख सकें।
दूसरा तर्क यह कि हाथ मिलाने
(पश्चिमी सभ्यता) के बजाये अगर आप नमस्ते करते
हैं तो सामने वाले के शरीर के कीटाणु आप तक
नहीं पहुंच सकते। अगर सामने वाले को स्वाइन
फ्लू भी है तो भी वह वायरस
आप तक नहीं पहुंचेगा।
5-: भोजन की शुरुआत तीखे से अंत मीठे से:
जब भी कोई धार्मिक या पारिवारिक
अनुष्ठान होता है तो भोजन की शुरुआत तीखे
से और अंत मीठे से होता है।
वैज्ञानिक तर्क- तीखा खाने से हमारे पेट के
अंदर पाचन तत्व एवं अम्ल सक्रिय हो जाते हैं।
इससे पाचन तंत्र ठीक तरह से संचालित होता
है। अंत में मीठा खाने से अम्ल की तीव्रता कम
हो जाती है। इससे पेट में जलन नहीं होती है।
6- पीपल की पूजा:
तमाम लोग सोचते हैं कि पीपल की पूजा
करने से भूत-प्रेत दूर भागते हैं।
वैज्ञानिक तर्क- इसकी पूजा इसलिये की
जाती है, ताकि इस पेड़ के प्रति लोगों का
सम्मान बढ़े और उसे काटें नहीं। पीपल एक
मात्र ऐसा पेड़ है, जो रात में भी ऑक्सीजन
प्रवाहित करता है।
7- दक्षिण की तरफ सिर करके सोना:
दक्षिण की तरफ कोई पैर करके सोता है, तो
लोग कहते हैं कि बुरे सपने आयेंगे, भूत प्रेत का
साया आ जायेगा, आदि। इसलिये उत्तर की
ओर पैर करके सोयें।
वैज्ञानिक तर्क-: जब हम उत्तर की ओर सिर
करके सोते हैं, तब हमारा शरीर पृथ्वी की
चुंबकीय तरंगों की सीध में आ जाता है।
शरीर में मौजूद आयरन यानी लोहा दिमाग
की ओर संचारित होने लगता है। इससे
अलजाइमर, परकिंसन, या दिमाग संबंधी
बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है।
यही
नहीं रक्तचाप भी बढ़ जाता है।
8-सूर्य नमस्कार:
हिंदुओं में सुबह उठकर सूर्य को जल चढ़ाते हुए
नमस्कार करने की परम्परा है।
वैज्ञानिक तर्क- पानी के बीच से आने वाली
सूर्य की किरणें जब आंखों में पहुंचती हैं, तब
हमारी आंखों की
रौशनी अच्छी होती है।
9-सिर पर चोटी या शिखा:
हिंदू धर्म में ऋषि मुनि चुटिया रखते थे। आज
भी लोग रखते हैं।
वैज्ञानिक तर्क- जिस जगह पर चुटिया रखी
जाती है उस जगह पर दिमाग की सारी नसें
आकर मिलती हैं। इससे
दिमाग स्थिर रहता है।इंसान को क्रोध
नहीं आता, सोचने की क्षमता बढ़ती है।
10-व्रत रखना
कोई भी पूजा-पाठ या त्योहार होता
है, तो लोग व्रत रखते हैं।
वैज्ञानिक तर्क- आयुर्वेद के अनुसार व्रत करने से
पाचन क्रिया अच्छी होती है और फलाहार
लेने से शरीर का
डीटॉक्सीफिकेशन होता है, यानी उसमें से
खराब तत्व बाहर निकलते हैं। शोधकर्ताओं के
अनुसार व्रत से कैंसर का खतरा कम होता है।
हृदय रोगों, मधुमेह, आदि रोग भी जल्द नहीं
लगते।
11-चरण स्पर्श करना:
हिंदू मान्यता के अनुसार जब भी आप किसी
बड़े से मिलें, तो उसके चरण स्पर्श करें। हम बच्चों
को भी सिखाते हैं, ताकि वे बड़ों का आदर
करें।
वैज्ञानिक तर्क- मस्तिष्क से निकलने वाली
ऊर्जा हाथों और सामने वाले पैरों से होते
हुए एक चक्र पूरा करती है। इसे कॉसमिक
एनर्जी का प्रवाह कहते हैं। इसमें दो प्रकार से
ऊर्जा का प्रवाह होता है, या तो बड़े के
पैरों से होते हुए
छोटे के हाथों तक या फिर छोटे के हाथों से
बड़ों के पैरों तक।
12- शादीशुदा हिंदू महिलाएं सिंदूर
लगाती हैं।
वैज्ञानिक तर्क- सिंदूर में हल्दी, चूना और
मरकरी होता है।यह मिश्रण शरीर के
रक्तचाप को नियंत्रित करता है। चूंकि इससे
यौन उत्तेजनाएं भी बढ़ती हैं, इसीलिये
विधवा औरतों के लिये सिंदूर लगाना
वर्जित है। इससे स्ट्रेस कम होता है।
13- तुलसी के पेड़ की पूजा
तुलसी की पूजा करने से घर में समृद्धि आती है।
सुख शांति बनी रहती है।
वैज्ञानिक तर्क- तुलसी इम्यून सिस्टम को
मजबूत करती है।लिहाजा अगर घर में पेड़
होगा, तो इसकी पत्तियों का
इस्तेमाल भी होगा और उससे बीमारियां
दूर होती हैं।


Monday, 25 May 2015

 चंद कुछ लब्ज़....
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बहुत देखा जीवन में
समझदार बन कर
पर ख़ुशी हमेशा
पागलपन से ही मिली है ।।
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इसे इत्तेफाक समझो
या दर्द भरी हकीकत,
आँख जब भी नम हुई,
वजह कोई अपना ही था
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"हमने अपने नसीब से ज्यादा
अपने दोस्तो पर भरोसा रखा है."
क्यूँ की नसीब तो बहुत बार
बदला है".
लेकिन मेरे दोस्त अभी भी वही है".
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उम्रकैद की तरह होते हैं कुछ रिश्ते,
जहाँ जमानत देकर भी रिहाई मुमकिन
नहीं...
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दर्द को दर्द से न देखो,
दर्द को भी दर्द होता है,
दर्द को ज़रूरत है दोस्त की,
आखिर दोस्त ही दर्द में हमदर्द होता है...
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ज़ख़्म दे कर ना पूछा करो,
दर्द की शिद्दत...!
"दर्द तो दर्द" होता हैं,
थोड़ा क्या, ज्यादा क्या...!!
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"दिन बीत जाते हैं सुहानी यादें बनकर,
बातें रह जाती हैं कहानी बनकर,
पर दोस्त तो हमेशा दिल के करीब रहेंगे,
कभी मुस्कान तो कभी आखों का पानी बन
कर.
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वक़्त बहुत कुछ, छीन लेता है ...
खैर मेरी तो सिर्फ़ मुस्कुराहट थी ....!!
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क्या खूब लिखा है :
"कमा के इतनी दौलत भी मैं
अपनी "माँ" को दे ना पाया,.:::::
के जितने सिक्कों से "माँ"
मेरी नज़र उतारा करती थी..."
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गलती कबूल करने और
गुनाह छोड़ने में कभी देर ना करें......!
क्योकिं
सफर जितना लम्बा होगा
वापसी उतनी मुश्किल हो जायेगी...!!
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इंसान बिकता है ...
कितना महँगा या सस्ता ये
उसकी मजबूरी तय करती है...!
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"शब्द दिल से निकलते है
दिमाग से तो मतलब निकलते है."..
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सब कुछ हासिल नहीं होता
ज़िन्दगी में यहाँ....
.
किसी का "काश" तो
किसी का "अगर" छूट ही जाता है...!!!!
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दो अक्षर की "मौत" और
तीन अक्षर के "जीवन" में ....
ढाई अक्षर का "दोस्त"
बाज़ी मार जाता हैं..


वाह रे जमाने तेरी हद हो गई,
बीवी के आगे माँ रद्द हो गई !
बड़ी मेहनत से जिसने पाला,
आज वो मोहताज हो गई !
और कल की छोकरी,
तेरी सरताज हो गई !
बीवी हमदर्द और माँ सरदर्द हो गई !
वाह रे जमाने तेरी हद हो गई.!!
पेट पर सुलाने वाली,
पैरों में सो रही !
बीवी के लिए लिम्का,
माँ पानी को रो रही !
सुनता नहीं कोई, वो आवाज देते सो गई !
वाह रे जमाने तेरी हद हो गई.!!
माँ मॉजती बर्तन,
वो सजती संवरती है !
अभी निपटी ना बुढ़िया तू ,
उस पर बरसती है !
अरे दुनिया को आई मौत,
तेरी कहाँ गुम हो गई !
वाह रे जमाने तेरी हद हो गई .!!
अरे जिसकी कोख में पला,
अब उसकी छाया बुरी लगती,
बैठ होण्डा पे महबूबा,
कन्धे पर हाथ जो रखती,
वो यादें अतीत की,
वो मोहब्बतें माँ की, सब रद्द हो गई !
वाह रे जमाने तेरी हद हो गई .!!
बेबस हुई माँ अब,
दिए टुकड़ो पर पलती है,
अतीत को याद कर,
तेरा प्यार पाने को मचलती है !
अरे मुसीबत जिसने उठाई, वो खुद मुसीबत
हो गई !
वाह रे जमाने तेरी हद हो गई .!!
I love so much my mother...
मां तो जन्नत का फूल है,
प्यार करना उसका उसूल है ,
दुनिया की मोह्ब्बत फिजूल है ,
मां की हर दुआ कबूल है ,
मां को नाराज करना इंसान तेरी भूल है ,
मां के कदमो की मिट्टी जन्नत की धूल है ,
अगर अपनी मां से है प्यार तो
अपने सभी दोस्तो को सेन्ड करे वरना ,
ये मेसेज आपके लिये फिजूल है.


एक मित्र ने बहुत ही सुंदर पंक्तियां भेजी है,
फारवर्ड करने से खुद को रोक नहीं पाया ....
जीभ जन्म से होती है
और मृत्यु तक रहती है.....
क्योकि वो कोमल होती है.
दाँत जन्म के बाद में आते है
और मृत्यु से पहले चले जाते हैं..
क्योकि वो कठोर होते है।
छोटा बनके रहोगे तो
मिलेगी हर बड़ी रहमत...
बड़ा होने पर तो
माँ भी गोद से उतार देती है.
पानी के बिना नदी बेकार है,
अतिथि के बिना आँगन बेकार है,
प्रेम न हो तो सगे-सम्बन्धी बेकार है,
पैसा न हो तो पाकेट बेकार है,
और जीवन में गुरु न हो
तो जीवन बेकार है,,
इसलिए जीवन में
"गुरु"जरुरी है.. "गुरुर" नही.ं
यदि कबीर जिन्दा होते तो आजकल के दोहे
यह होते :-
नयी सदी से मिल रही, दर्द भरी
सौगात!
बेटा कहता बाप से, तेरी क्या औकात!!
पानी आँखों का मरा, मरी शर्म औ लाज!
कहे बहू अब सास से, घर में मेरा राज!!
भाई भी करता नहीं, भाई पर विश्वास!
बहन पराई हो गयी, साली खासमखास!!
मंदिर में पूजा करें, घर में करें कलेश!
बापू तो बोझा लगे, पत्थर लगे गणेश!!
बचे कहाँ अब शेष हैं, दया, धरम, ईमान!
पत्थर के भगवान हैं, पत्थर दिल इंसान!!
पत्थर के भगवान को, लगते छप्पन भोग!
मर जाते फुटपाथ पर, भूखे, प्यासे लोग!!
फैला है पाखंड का, अन्धकार सब ओर!
पापी करते जागरण, मचा-मचा कर शोर!
पहन मुखौटा धरम का, करते दिन भर पाप!
भंडारे करते फिरें, घर में भूखा बाप!
सही है भाई जी


अरे हमें तो अपनों ने
लूटा,गैरों में कहाँ दम था.मेरी हड्डी वहाँ
टूटी,जहाँ हॉस्पिटल बन्द था.
मुझे जिस एम्बुलेन्स में
डाला,उसका पेट्रोल ख़त्म था.मुझे रिक्शे में
इसलिए बैठाया,क्योंकि उसका किराया
कम था.
मुझे डॉक्टरों ने
उठाया,नर्सों में कहाँ दम था.मुझे जिस बेड
पर लेटाया,उसके नीचे बम था.
मुझे तो बम से
उड़ाया,गोली में कहाँ दम था.और मुझे सड़क में
दफनाया,क्योंकि कब्रिस्तान में फंक्शन था
अर्ज़ किया हैं...
रोक दो मेरे जनाजे को अब
मुझमे जान आ रही हैं..
आगे से थोडा राईट ले लो
दारु की दूकान आ रही हैं |

"बोतल छुपा दो कफ़न में मेरे,
शमशान में पिया करूंगा,
जब खुदा मांगेगा हिसाब,
तो पैग बना कर दिया करूंगा"
"नशा" "महोब्बत " का हो
"शराब" का हो ...-
या -"facebook " का हो
" होश " तीनो मे खो जाते है
" फर्क " सिर्फ इतना है की,
"शराब" सुला देती है ..
"महोब्बत " रुला देती है ,
- और -
"facebook " यारो की
याद दिला देती है ..!
समर्पित
सभी प्यारें दोस्त के लिए ┓┈┈┈┈┈┈┈┈┈┈┈
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जाम पे जाम पीने का क्या फ़ायदा?
शामको पी, सुबह उतर जाएगी.
अरे दो बून्द दोस्ती के
पी ले ज़िन्दगी सारी नशे में गुज़र जाएगी...


एक ऐसा चुटकुला जो आपको कम से कम 5 मिनट
हंसाएगा। ज़रूर पढ़िए...
दो जिगरी दोस्त
1k पास एक BMW कार होती है और दूसरे के
पास TATA NANO.
एक बार रात को नैनो वाला दोस्त BMW
वाले दोस्त को फ़ोन करता है और कहता है
कि यार मेरी गाड़ी का पेट्रोल खत्म हो
गया है.
तू आ जा और मेरी कार को अपनी कार से
बाँध करके पेट्रोल पंप तक मुझे पहुँचा दे. ........
BMW वाला दोस्त आता है और NANO कार
को बाँध कर कहता है "अगर तुझे लगे मैं तेज़ चल
रहा हूँ तो पीछे से डिपर दे देना, ताकि में
धीमे हो जाऊँ ....."
चलते-चलते थोड़ी देर बाद BMW की साइड से
तेज रफ़्तार में Audi निकलती है,
तो BMW वाला चिढ़ जाता है व भूल
जाता है कि वो NANO को बाँध कर चल
रहा है .......
बस फिर क्या था,
BMW और Audi दोनों में जबर्दस्त रेस लग जाती
है.
स्पीड २००+ चली जाती है और दोनों पुलिस
बेरिकेट्स तोड़ कर निकल जाते हैं........
तो पुलिस का सिपाही अपने ऑफ़िसर को
फ़ोन करता है और घटना की जानकारी
देता है.
तो ऑफिसर पूछता है- गाड़ी कौन कौन सी
है?
सिपाही कहता है- "सर, गाड़ियाँ तो दो
रेस कर रही हैं,
BMW और Audi,
पर वो छोड़ो सर,
हैरान तो मैं इस बात से हूँ कि रेस BMW और
Audi की हो रही है,
पर एक नैनो वाला पीछे से दोनों को ओवर
टेकिंग के लिए डिपर पे डिपर मारे जा रहा
है कि मुझे आगे जाने की जगह दे दो